बेगूसराय जिले के अंदर विभिन्न पंचायत में बिना डिग्री के झोलाछाप डॉक्टर के द्वारा गरीब परिवारों को रोग मुक्त करने का दावा करने के कारण उनके द्वारा दिए गए इंजेक्शन एवं दवाइयों से रोगी और परेशान हो रहे हैं। जिसका एक मामला तेघड़ा थाना क्षेत्र के पिपरा दोदराज पंचायत के नोनपुर गाँव (वार्ड नंबर 2) से एक बेहद ही दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है।
बताया जाता है कि एक तथाकथित झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही के कारण एक महिला की जान पर बन आई है। गलत तरीके से लगाए गए इंजेक्शन के साइड-इफेक्ट और लापरवाही के चलते मरीज का पूरा शरीर संक्रमण का शिकार हो गया है, जिससे वह आज जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। वहीं, दूसरी ओर गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और वे न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
पीड़ित परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, वार्ड संख्या 2 निवासी श्यामाकांत ठाकुर की पत्नी धनवंती देवी को डेढ़ माह पहले अचानक पेट में तेज दर्द हुआ था। परिवार ने स्थानीय स्तर पर इलाज के लिए नोनपुर के ही रहने वाले झोलाछाप डॉक्टर मनोज ठाकुर (पिता- स्व. कुशेश्वर ठाकुर) को बुलाया था।
आरोप है कि मनोज ठाकुर शाम के वक्त घर पर आए और मरीज की कमर के बाएं हिस्से में गलत जगह पर कोई एक इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद वे वहां से चले गए। लेकिन मरीज की हालत और खराब होने लगी।
लापरवाही की हद तब देखने को मिली जब उक्त परिवार द्वारा फोन करने के बाद भी उक्त डॉक्टर मुकर गए। अगली सुबह जब मरीज की हालत बिगड़ने लगी और परिजनों ने डॉ. मनोज ठाकुर को फोन करके हालात की जानकारी दी, तो उन्होंने आने से साफ इनकार कर दिया।
इसके बाद वे न तो कभी रूटीन चेकअप के लिए आए और न ही मरीज की सुधि ली। समय बीतने के साथ-साथ इंजेक्शन वाली गलत जगह पर गंभीर घाव (Abscess/Infection) हो गया और धीरे-धीरे यह घाव विकराल रूप धारण करने लगा।
आज स्थिति यह है कि धनवंती देवी बिस्तर पर हैं और जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं।
आर्थिक तंगी और ऊपर से सामाजिक प्रताड़ना
पीड़ित परिवार बेहद गरीब है और इस लंबी बीमारी व इलाज के भारी खर्च के कारण पूरी तरह आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहा है। परिवार के पास इलाज के लिए पैसे तक नहीं बचे हैं।
हद तो तब हो गई जब परिजनों ने इस गंभीर लापरवाही को लेकर आरोपी मनोज ठाकुर से बात करने का प्रयास भी किया, तो उनकी तरफ से अभी तक कोई जवाब या संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
इतना ही नहीं, उलटे आरोपी मनोज ठाकुर द्वारा समाज में पीड़ित परिवार और मरीज के चरित्र या स्वास्थ्य को लेकर भ्रामक और मनगढ़ंत जानकारियां फैलाई जा रही हैं, ताकि मामले को दबाया जा सके।
ग्रामीणों में रोष, प्रशासन से न्याय की गुहार
इस घटना के बाद से नोनपुर गाँव के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बिना किसी वैध डिग्री के इस तरह के झोलाछाप डॉक्टरों का खुलेआम मरीजों की जान से खिलवाड़ करना आम हो गया है।
पीड़ित परिवार और शुभचिंतकों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि तुरंत इस मामले की उच्च स्तरीय जाँच कराई जाए, आरोपी तथा कथित डॉक्टर मनोज ठाकुर के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और गरीब पीड़िता के इलाज के लिए उचित आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाए।

