एम्बुलेंस चालक 8 मई व 9 मई को करेंगे हड़ताल


कोविड- 19 एम्बुलेंस चालक के साथ हुई मारपीट की घटना थमने का नाम नहीं ले रहा है । इस मामले को लेकर प्रशासनिक  अधिकारी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं । अपने साथी पर लगातार दो फर्जी मामले से झुब्ध होकर बिहार राज्य चिकित्सा संघ ने बुधवार को सदर अस्पताल परिसर में एक बैठक आयोजित कर शुक्रवार से हड़ताल की धमकी दी है । जिला संघ के 
जिला सचिव के नेतृत्व में आवेदन सिविल सर्जन ,  जिला अधिकारी को सौंपा । जिला सचिव ने कहा कि कोविड - 19 एम्बुलेंस चालक मो वसीम पर हुए हमले से भय का माहौल वयाप्त है । ऐसे में काम करना जान जोखिम में डालने का बराबर है ।  उन्होंने कहा कि 
 अपने साथी पर हुए दो फर्जी मुकदमा की  जानकारी पुलिस अधीक्षक एवं जिला पदाधिकारी और सिविल सर्जन को भी देने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है इससे चालकों में भायाक्रांत है ।
आवेदन में 102 के एम्बुलेंस चालक ने लिखा है कि कोविड-19  मैं तैनात मो वसीम को 24 अप्रैल को कुछ लोगों ने कोरोना सन्दिग्ध को लाने से मना किया था और उसके साथ मारपीट भी की थी । घटना की गम्भीरता को देखते हुए चिकित्सा पदाधिकारी आनंद भगत ने जांच कर करवाई करने हेतु थानाध्यक्ष से आग्रह कर आवेदन फॉरवर्ड किया । इसके बाद झिटकिया के एक दबंग के इशारे पर थानाध्यक्ष ने आरोपियों से ही एम्बुलेंस चालक व उनके परिवार के लोगों पर दो फर्जी मामला दर्ज करवा दिया । जिससे झुब्ध होकर एम्बुलेंस चालक ने 8 मई से 10 मई तक चरणबद्ध हड़ताल की धमकी दी है । 8 मई को सुबह साढ़े 10 से संध्या 4 बजे तक  9 मई को सुबह साढ़े 8 बजे से सन्ध्या 4 बजे तक । फिर भी यदि गिरफ्तारी नहीं हुई तो 10 मई को सुबह 8 बजे से अनिश्चिततकालीन हड़ताल की जाएगी । मालूम हो कि एम्बुलेंस चालक के आवेदन के 24 अप्रैल को पीड़ित चालक के आवेदन के 48 घण्टे बाद 27 अप्रैल को प्रथमिकी दर्ज की गई थी और एम्बुलेंस चालक पर 24 घण्टे बाद 29 अप्रैल को  ही मामले दर्ज किए गए थे । जिसके बाद एम्बुलेंस चालक रोष में आकर करवाई की मांग कर रहे हैं ।
रिपोर्ट तेज़थिंक न्यूज़
मुकेश कुमार/सिंहेश्वर, मधेपुरा